अपने लिए खुद खड़ा होना चाहिए अमित को अपनी नई नौकरी बहुत पसंद थी, लेकिन उसकी टीम का सीनियर, विकास, उसे लगातार परेशान करता था। विकास अक्सर मीटिंग्स में अमित के आइडियाज़ का मज़ाक उड़ाता और सारा क्रेडिट खुद ले लेता। अमित यह सोचकर चुप रहता कि कहीं उसकी नौकरी न चली जाए।एक दिन, विकास ने सबके सामने अमित पर चिल्लाते हुए कहा, "तुमसे एक काम ठीक से नहीं होता! यह रिपोर्ट बिल्कुल बेकार है।" जबकि रिपोर्ट में कोई गलती नहीं थी।अमित को समझ आ गया कि सहने से विकास का बर्ताव और खराब होगा। उसने खुद पर भरोसा रखा। वह न तो चिल्लाया और न ही रोया।अमित शांत रहकर अपनी सीट से खड़ा हुआ, विकास की आँखों में देखा और सीधे शब्दों में कहा, "विकास, आप काम में गलती बता सकते हैं, लेकिन इस तरह चिल्लाकर बात करने का अधिकार आपको नहीं है। हम पेशेवर (professional) तरीके से भी बात कर सकते हैं।"पूरे केबिन में सन्नाटा छा गया। विकास ने ऐसा जवाब कभी नहीं सोचा था। अमित के शांत आत्मविश्वास के सामने विकास का गुस्सा तुरंत ठंडा पड़ गया। उसने नज़रें चुरा लीं और अपनी केबिन में चला गया। अमित ने साबित कर दिया कि बिना लड़े भी गरिमा के साथ अपनी सीमाएं तय की जा सकती हैं। #story #selfbelief
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