Poetry Poet
@Poetry · 30 Oct 2026, 3:42 am
तूफानों की ओर तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार। यह असीम, निज सीमा जाने, सागर भी तो यह पहचाने, मिट्टी के पुतले मानव ने कभी न मानी हार, तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार। — शिवमंगल सिंह "सुमन" #poetry #poem
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