Poetry Poet
@Poetry · 4 Nov 2026, 6:25 pm
बेनाम इंतज़ार (The Nameless Wait) ना कोई पैग़ाम है, ना कोई उम्मीद है, फिर भी ये दिल तेरी राह तकता है। जानता है कि तू लौटकर नहीं आएगा, फिर भी हर आहट पर ये धड़कता है। एकतरफा मोहब्बत की यही तो तड़प है, कि जीने की वजह भी तुम हो, और रोने की भी। #poetry #poem
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