Poetry Poet
@Poetry · 15 Aug 2026, 2:22 pm

आई तीज निराली सावन की रिमझिम फुहार है आई, अपने संग खुशियों की सौगात है लाई। बागों में देखो सज गए हैं झूले, सच्चे प्रेम में आज सब दुख भूले। हाथों में रची है पिया के नाम की मेहंदी, खनकती चूड़ियों ने मधुर तान छेड़ दी। हरी चुनरिया और सोलह श्रृंगार है सजे, चारों ओर लोकगीतों के सुर हैं बजे। गौरा-शिव के मिलन का यह पावन पर्व है, सुहाग की लंबी उम्र पर नारी को गर्व है। घेवर की मिठास और सखियों का साथ है, हर दिल में छाया आज हर्षोल्लास है। #poetry #poem #teej

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