Poetry Poet
@Poetry · 18 Aug 2026, 4:07 pm
थोड़ा ठहरना सीखें (Learn to Pause) दौड़ रही है ज़िन्दगी, तू भी थोड़ा ठहर जा, उलझनों की इस नदी में, लहर बनके बह जा। कल की चिन्ता छोड़ कर, आज का तू मज़ा ले, तनाव के इस बोझ को, कंधों से अपनी गिरा दे। गहरी सांसें खींच तू, मन को दे थोड़ी हवा, सुकून ही है हर मर्ज़ की, सबसे बड़ी दवा। #poem #poetry
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