आखिरी दस्तक रात के ठीक 12 बजे थे। इंस्पेक्टर राघव अपने केबिन में बैठे एक पुरानी फाइल को खंगाल रहे थे। शहर के सबसे पॉश इलाके में पिछले तीन महीनों में तीन मर्डर हो चुके थे। तीनों हत्याओं में दो बातें कॉमन थीं—पहली, मरने वाले सभी रईस थे, और दूसरी, हर मर्डर के ठीक बाद दीवार पर खून से एक उल्टा सवालिया निशान (?) बना होता था। पुलिस के पास कातिल का कोई सुराग नहीं था। अचानक राघव का फोन बजा। दूसरी तरफ से एक कांपती हुई आवाज आई, "इंस्पेक्टर... वह मेरे घर में है... मुझे मार डालेगा... बचा..." और फोन कट गया। राघव ने तुरंत नंबर ट्रेस करवाया। यह नंबर शहर के मशहूर बिजनेसमैन आदित्य मेहरा का था। बिना वक्त गंवाए राघव अपनी टीम के साथ आदित्य के बंगले की तरफ भागे। रहस्यमयी बंगला जब पुलिस वहां पहुंची, तो पूरे बंगले में सन्नाटा था। मुख्य दरवाजा आधा खुला हुआ था। राघव ने पिस्तौल निकाली और अंदर दाखिल हुए। लिविंग रूम में चारों तरफ सन्नाटा था। जैसे ही वे बेडरूम की तरफ बढ़े, फर्श पर खून की बूंदें दिखाई दीं। बेडरूम का नजारा खौफनाक था। आदित्य मेहरा कुर्सी पर बंधे हुए थे और उनकी गर्दन कटी हुई थी। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि दीवार पर इस बार कोई उल्टा सवालिया निशान नहीं था, बल्कि खून से लिखा था: "तुम देर से आए, राघव।" कातिल राघव को नाम से जानता था। इसका मतलब था कि वह कोई बाहरी नहीं, बल्कि राघव के बहुत करीब का ही कोई इंसान था। पहला सुराग राघव ने फोरेंसिक टीम को बुलाया। जांच के दौरान आदित्य के हाथ में एक फटी हुई चिट्ठी मिली, जिस पर एक यूनिक ब्लू इंक से कुछ लिखा था। राघव को याद आया कि ऐसी स्याही पूरे पुलिस स्टेशन में सिर्फ एक ही शख्स इस्तेमाल करता था—उनका अपना खासमखास जूनियर, सब-इंस्पेक्टर अमित। राघव के पैरों तले जमीन खिसक गई। क्या अमित ही वह सीरियल किलर था? राघव ने तुरंत अमित को फोन मिलाया, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। तभी राघव को अमित के घर का ख्याल आया। द ट्विस्ट राघव अकेले ही अमित के घर की तरफ दौड़े। जब वे अमित के फ्लैट पर पहुंचे, तो वहां का दरवाजा भी खुला था। अंदर लाइट जल रही थी। राघव पिस्तौल तानकर अंदर घुसे। बेडरूम में अमित फर्श पर बेहोश पड़ा था, और उसके सिर से खून बह रहा था। #story See comment for more
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Story Telling@Story · 17 Sept 2026, 5:46 pmअमित के पास ही एक लैपटॉप खुला हुआ था। राघव ने लैपटॉप की स्क्रीन पर देखा, वहां एक वीडियो प्ले हो रहा था। वीडियो में कोई और नहीं, बल्कि खुद इंस्पेक्टर राघव का चेहरा था! वीडियो में राघव आधी रात को उन्हीं बिजनेसमैन के घरों में जाते हुए दिख रहे थे, जिनका मर्डर हुआ था। राघव का दिमाग चकरा गया। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। तभी पीछे से एक ठंडी आवाज आई, "खेल खत्म हुआ, राघव सर।"
