Poetry Poet
@Poetry · 9 Aug 2026, 6:51 pm
नदी चलती है सागर को पाने, राह के पत्थरों को मित्र बनाने। मुश्किलें तो आएँगी हर मोड़ पर, तुम बस चलते रहना ज़िद पर। धूप कितनी भी तीखी क्यों न हो, समंदर कभी सूखा नहीं करते। हिम्मत हो अगर तुम्हारे हौसलों में, तो रास्ते कभी रुका नहीं करते। #poetry #poem
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