बुद्धिमान गणेश और ब्रह्मांड की परिक्रमा एक बार बाल गणेश और उनके भाई कार्तिकेय में इस बात को लेकर प्रतियोगिता हुई कि दोनों में से कौन अधिक बुद्धिमान और तीव्र है। माता पार्वती और भगवान शिव ने उनके सामने एक चुनौती रखी। • जो कोई भी अपने वाहन पर बैठकर पूरे ब्रह्मांड के तीन चक्कर लगाकर सबसे पहले वापस लौटेगा, उसे दिव्य ज्ञान का फल मिलेगा। • कार्तिकेय तुरंत अपने तीव्र गति वाले वाहन मोर पर सवार होकर ब्रह्मांड की परिक्रमा के लिए निकल गए। गणेश जी का शरीर भारी था और उनका वाहन एक छोटा सा चूहा था। वे जानते थे कि वे गति में कार्तिकेय को नहीं हरा सकते। इसलिए, उन्होंने अत्यंत आदर के साथ अपने माता-पिता (शिव-पार्वती) के चारों ओर तीन बार परिक्रमा की। • जब उनसे इसका कारण पूछा गया, तो गणेश जी ने कहा कि एक संतान के लिए उसके माता-पिता ही पूरा ब्रह्मांड हैं। उनकी इस गहरी बुद्धिमानी को देखकर शिव-पार्वती ने उन्हें विजेता घोषित किया। • सीख: सच्ची बुद्धिमत्ता बाहरी दौड़-भाग में नहीं, बल्कि रिश्तों की गहराई और आदर को समझने में है।
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