Cyber Bullying रिया को पेंटिंग का बहुत शौक था। उसने अपनी एक पसंदीदा पेंटिंग सोशल मीडिया पर शेयर की। कुछ ही घंटों में, उसकी क्लास के एक ग्रुप ने उस पर भद्दे कमेंट्स करना और मीम्स (memes) बनाकर उसका मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया।रिया का दिल टूट गया। वह डर गई और उसने अपना फोन बंद कर दिया। उसे स्कूल जाने में भी डर लगने लगा। उसे लगा कि सब ऑनलाइन बातें देखकर उसका मज़ाक उड़ा रहे हैं। दो दिन तक परेशान रहने के बाद, रिया ने अपनी बड़ी बहन को सब सच बता दिया। उसकी बहन ने कहा, "इंटरनेट के पीछे छुपकर नफरत फैलाना कायरता है। चुप रहकर इसे सहना गलत है।" रिया ने हिम्मत जुटाई। अपनी बहन की मदद से उसने उन सभी भद्दे कमेंट्स और अकाउंट्स के स्क्रीनशॉट्स (screenshots) लिए। उसने बिना कोई पलटकर जवाब दिए, उन सभी यूज़र्स को ब्लॉक (block) कर दिया।अगले दिन, रिया ने वे सारे सबूत अपने स्कूल के प्रिंसिपल और साइबर सेल की वेबसाइट पर सबमिट कर दिए। जब पुलिस और स्कूल अथॉरिटी ने जांच शुरू की, तो मज़ाक उड़ाने वाले लड़के बुरी तरह डर गए। उन्हें स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया और उनके माता-पिता को बुलाकर चेतावनी दी गई। रिया ने समझ लिया था कि साइबर बुलिंग से डरकर छुपना नहीं, बल्कि सही समय पर सबूत जुटाकर आवाज़ उठाना और बड़ों की मदद लेना ही इसका सही समाधान है। #story #cyberbullying
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