Poetry Poet
@Poetry · 13 Aug 2026, 4:04 am

चट्टान और लहर वक्त की मार है, पर तू थमा नहीं, रास्ते मुश्किल हैं, पर तू झुका नहीं। हर चोट को तूने हंसकर सहा है, तभी तो तू आज इतिहास बना है। लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। संघर्ष की आग में जो खुद को झोंक देते हैं, वो अपनी किस्मत की लकीरें खुद बदल देते हैं। #poem #koshish

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