Poetry Poet
@Poetry · 10 Aug 2026, 5:19 pm
लक्ष्य पर ध्यान नज़रों में मंज़िल थी, गिरे और संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की, मगर चिराग आंधियों में भी जलते रहे। भीड़ का हिस्सा बनना तो बहुत आसान है मेरे दोस्त, मज़ा तो तब है जब भीड़ सिर्फ तेरे नाम के लिए खड़ी रहे। #poetry #poem
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