Poetry Poet
@Poetry · 13 Aug 2026, 3:57 am

डाइटिंग का दर्द सोचा था इस सोमवार से, वजन कम करूँगा, सिर्फ हरी सब्जियाँ और, उबला पानी पीऊँगा। दोपहर तक तो जैसे-तैसे, खुद को संभाला, शाम को समोसे ने, फिर से जादू डाल डाला। कद्दू की सब्जी देखकर, रूह काँप जाती है, सपनों में भी बस अब, बिरयानी आती है। वजन तो नहीं घटा, पर गुस्सा बढ़ गया, डाइटिंग का प्लान मेरा, डस्टबिन में सड़ गया। #poem #dieting

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