Poetry Poet
@Poetry · 16 Aug 2026, 6:02 pm
घर की वो मजबूत दीवार हैं धूप में जो खुद जलकर, हमें छांव देते हैं, वो और कोई नहीं, हमारे माता-पिता होते हैं। अपनी खुशियों को जो हंसकर भूल जाते हैं, हमारी हर जिद को वो मुस्कुराकर निभाते हैं। उंगली पकड़कर जिन्होंने हमें चलना सिखाया, दुनिया की हर बुरी नजर से हमें हमेशा बचाया। पिता का वो सख्त रूप, अंदर से नरम होता है, माँ की डांट में भी, छिपा बस अनमोल प्रेम होता है। रब की मूरत हैं वो, इस जमीं का भगवान हैं, उनके कदमों में ही बसता सारा जहान है। दौलत-शौहरत तो कमा लोगे तुम इस दुनिया में, पर माता-पिता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ा वरदान है। #poem #poetry #parents
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