Story Telling
@Story · 9 Aug 2026, 6:29 pm

बाज और मुर्गियाँ (संगति का असर) एक बार एक बाज का अंडा गलती से एक जंगली मुर्गी के घोंसले में जाकर गिर गया। कुछ दिनों बाद अंडे से बाज का बच्चा निकला और वह मुर्गी के बच्चों के साथ ही बड़ा होने लगा। वह वही सब करता जो बाकी चूजे करते थे—ज़मीन खोदकर कीड़े ढूंढना, कुड़कुड़ाना और डरकर थोड़ी सी ही ऊँचाई तक उड़ना। बाज के बच्चे को कभी पता ही नहीं चला कि वह एक बाज है। एक दिन उसने आसमान में एक बहुत बड़े और सुंदर पक्षी को बड़ी शान से उड़ते हुए देखा। उसने मुर्गी से पूछा, "वह शानदार पक्षी कौन है जो आसमान को छू रहा है?" मुर्गी ने जवाब दिया, "वह पक्षियों का राजा बाज है। वह बहुत ताकतवर है, लेकिन तुम उसकी तरह नहीं उड़ सकते क्योंकि तुम एक मुर्गी हो।" बाज के बच्चे ने मुर्गी की बात को सच मान लिया। उसने कभी ऊपर उड़ने की कोशिश ही नहीं की और पूरी ज़िंदगी एक मुर्गी की तरह ही जीकर गुजार दी। सीख (Moral): हम जैसी संगति में रहते हैं, वैसे ही बन जाते हैं। अपनी क्षमताओं को पहचानिए और कभी भी दूसरों के कहने पर अपने सपनों को छोटा मत कीजिए। #story

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