Poetry Poet
@Poetry · 25 Aug 2026, 6:15 pm

खामोशी का शोर (The Noise of Silence) भीड़ में खड़े होकर भी जो तन्हाई है, उसने ही हमें जीने की कला सिखाई है। शब्द तो अक्सर बयाँ करते हैं झूठ को, सच्चाई तो बस खामोशी ने ही सुनाई है। चेहरे पर हँसी और दिल में समंदर गहरा, यहाँ हर शख्श पर है यादों का एक पहरा। ढूंढते हैं सब बाहर सुकून की एक किरण, जबकि भीतर ही छुपा है वो सवेरा सुनहरा। #poem #poetry

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