Poetry Poet
@Poetry · 9 Aug 2026, 6:56 pm
तितली रानी तितली रानी, तितली रानी, रस पीती, पीती है पानी। इधर-उधर तुम उड़ती रहती, हाथ किसी के कभी न आती। पंख तुम्हारे रंग-बिरंगे, देख तुम्हें सब बच्चे दंग हैं। फूलों पर जब बैठती हो तुम, बागों की रौनक बढ़ाती हो तुम। #poetry #poem
0905
Join the conversation on Fifefy
Reply, react, or give this post one of your five daily Hi-Fives.
