सिग्नल की कीमत सुमित को रात के 12 बजे एक दोस्त की पार्टी से घर लौटना था। सड़क पूरी तरह सुनसान थी। जैसे ही वह चौराहे पर पहुंचा, रेड लाइट हो गई। सुमित ने आस-पास देखा, कोई पुलिस वाला नहीं था, न ही कोई दूसरी गाड़ी। उसने सोचा, "रात के वक्त कौन रुकता है!" और उसने एक्सीलेटर दबा दिया।तभी दूसरी तरफ से एक एम्बुलेंस तेज रफ्तार में आ रही थी, जिसका ग्रीन सिग्नल था। सुमित की कार सीधे एम्बुलेंस से टकरा गई। एम्बुलेंस पलट गई और उसमें मौजूद एक गंभीर मरीज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस आई और सुमित को गिरफ्तार कर लिया गया। लॉकअप में बैठे सुमित को समझ आया कि नियमों का पालन किसी पुलिसवाले के डर से नहीं, बल्कि दूसरों और अपनी जान की हिफाजत के लिए किया जाता है। सीख: ट्रैफिक नियम हमारी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा की गारंटी हैं।
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