Information
@information · 28 Aug 2026, 7:18 pm

राजा इंद्र और इंद्राणी की कथा (पहला रक्षासूत्र) भविष्य पुराण के अनुसार, एक बार देवताओं और असुरों के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया, जिसमें असुर हावी हो रहे थे और देवराज इंद्र की हार निश्चित लग रही थी। इंद्र को चिंतित देखकर उनकी पत्नी शची (इंद्राणी) ने गुरु बृहस्पति की सलाह पर तपस्या करके एक रेशमी रक्षासूत्र तैयार किया। जीत का सूत्र: शची ने श्रावण पूर्णिमा के दिन उस रक्षासूत्र को राजा इंद्र की कलाई पर बांध दिया। इस पवित्र धागे की शक्ति और आशीर्वाद से इंद्र ने असुरों को पराजित कर दिया और अपना खोया हुआ राज्य वापस पा लिया। शुरुआत में यह त्योहार सिर्फ भाई-बहन का नहीं, बल्कि रक्षा और विजय के संकल्प का पर्व था, जो धीरे-धीरे भाई-बहन के प्रेम में बदल गया। #story

0603

Join the conversation on Fifefy

Reply, react, or give this post one of your five daily Hi-Fives.