Story Telling
@Story · 4 Sept 2026, 6:52 pm

कालिया नाग का घमंड चूर करना (यमुना की शुद्धि) गोकुल के पास बहने वाली यमुना नदी के एक गहरे हिस्से (काली दह) में कालिया नाम का एक अत्यंत विषैला नाग आकर रहने लगा था। उसके भयंकर जहर के कारण यमुना का पानी काला और जहरीला हो गया था। जो भी पशु-पक्षी या इंसान उस पानी को पीता, उसकी मृत्यु हो जाती थी। एक दिन, कान्हा अपने मित्रों के साथ यमुना किनारे गेंद खेल रहे थे। अचानक खेल-खेल में गेंद नदी के उसी जहरीले पानी में जा गिरी। कान्हा ने कहा, "मैं अपनी गेंद लेकर आता हूँ," और बिना किसी डर के उन्होंने कदम के पेड़ से यमुना नदी में छलांग लगा दी। नदी के भीतर जाते ही कालिया नाग ने कृष्ण पर हमला कर दिया और उन्हें अपने विशाल शरीर में जकड़ लिया। गोकुल वासी नदी किनारे इकट्ठा होकर रोने और प्रार्थना करने लगे। तभी कान्हा ने अपना शरीर बढ़ाना शुरू किया। कालिया की पकड़ ढीली हो गई। कृष्ण कूदकर कालिया के सौ फनों (सिरों) पर चढ़ गए और अपनी बांसुरी बजाते हुए नृत्य (तांडव) करने लगे। कृष्ण के पैरों की थाप से कालिया लहूलुहान हो गया और उसका घमंड चूर-चूर हो गया। कालिया की पत्नियों ने कृष्ण से दया की भीख मांगी। कृष्ण ने कालिया को छोड़ दिया और उसे यमुना छोड़कर समुद्र में जाने की आज्ञा दी। इस तरह कान्हा ने यमुना को जहर मुक्त कर दिया। #story

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