Poetry Poet
@Poetry · 13 Aug 2026, 4:01 am
संघर्ष ही जीवन है जीत की हवस नहीं, बस लड़ने का जूनून है, काँटों भरे रास्तों पर ही मिलता सुकून है। जो तपेगा नहीं, वो निखरेगा कैसे, बिना संघर्ष के कोई चमकेगा कैसे। मुश्किलें तो आएंगी, तुमको डराने के लिए, पर ये बनी हैं सिर्फ, तुम्हें जगाने के लिए। थककर न बैठ ऐ मुसाफिर, अभी राह बाकी है, तेरी उड़ान देखने को, पूरा आसमान बाकी है। #poem #sangharsh
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