माटी की सुगंध (The Scent of the Earth) Genre: Drama / Inspirational आलोक पिछले दस सालों से न्यूयॉर्क के एक बड़े वित्तीय संस्थान में काम कर रहा था। उसके पास एक आलीशान अपार्टमेंट था, एक महंगी कार थी और एक ऐसा लाइफस्टाइल था जिसका सपना हर कोई देखता है। लेकिन इस चकाचौंध के बीच भी, आलोक के दिल में हमेशा एक अधूरापन रहता था। जब भी न्यूयॉर्क में तेज बारिश होती, वह अपनी कांच की खिड़की से बाहर देखता और उसे अपने गांव की याद आ जाती, जहां पहली बारिश के बाद मिट्टी से उठने वाली सोंधी महक पूरे माहौल को जादुई बना देती थी। एक दिन आलोक को खबर मिली कि उसके पिता की तबीयत बहुत खराब है। वह सब कुछ छोड़कर तुरंत भारत के एक छोटे से गांव में अपने पुश्तैनी घर लौटा। धूल भरे रास्तों और लहलहाते खेतों को देखकर उसके भीतर की पुरानी यादें ताजा हो गईं। जब वह घर पहुंचा, तो उसने देखा कि उसके बुजुर्ग पिता कमजोर हो चुके थे, लेकिन उनकी आंखों में अपने खेतों के लिए वही पुराना जुनून बाकी था। पिता ने आलोक का हाथ थामा और कहा, "बेटा, मैंने सुना है कि तुम वहां बहुत बड़े आदमी बन गए हो। लेकिन याद रखना, हमारी असली ताकत इस मिट्टी में है। अगर तुम इसे छोड़ दोगे, तो तुम्हारी जड़ें सूख जाएंगी।" कुछ दिनों बाद पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। भाइयों ने कहा कि गांव की जमीन बेचकर पैसे आपस में बांट लेते हैं, लेकिन आलोक का ज़मीर इसके लिए तैयार नहीं था। उसने एक बड़ा फैसला लिया। उसने न्यूयॉर्क की अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और हमेशा के लिए गांव लौट आया। उसने आधुनिक तकनीक की मदद से जैविक खेती (organic farming) शुरू की। आज आलोक करोड़ों कमाता है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी पूंजी वह आत्मिक शांति है जो उसे हर सुबह अपने खेतों की मिट्टी को छूकर मिलती है। #story
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