सुदामा की प्रेम भरी पोटली यह कहानी भगवान कृष्ण के अपने गरीब मित्र सुदामा के प्रति निश्छल प्रेम को दर्शाती है। बचपन के बाद जब सुदामा बहुत गरीब हो गए, तो अपनी पत्नी के कहने पर वे द्वारका में राजा बन चुके कृष्ण से मिलने पहुँचे। सुदामा अपने साथ उपहार के रूप में केवल एक छोटी सी पोटली में थोड़े से भुने हुए चावल (पोहा) लेकर गए थे। द्वारका के भव्य महल को देखकर सुदामा झिझक गए और शर्म के मारे उस छोटी सी पोटली को छुपाने लगे। कृष्णा ने सुदामा को देखते ही पहचान लिया वो अपने बचपन के दोस्त को देखकर बहुत खुश हुए वो दौड़ के आए और उन्हें गले लगा लिया तभी कृष्ण की नजर सुदामा की छिपाई हुई पोटली पर पड़ी। कृष्ण ने प्रेम से वह पोटली छीन ली और बड़े चाव से वह पोहा खाने लगे। भगवान के लिए मित्र का प्रेम ही सबसे बड़ा उपहार था, न कि कोई कीमती वस्तु। #story #dosti #janamashtmi
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