Bhakti Sagar
@bhakti · 15 Jul 2026, 7:35 pm

भक्ति के रूप : धार्मिक और दार्शनिक ग्रंथों में भक्ति को नौ प्रकारों (नवधा भक्ति) में बांटा गया है: श्रवण: भगवान की लीलाओं और कथाओं को सुनना। कीर्तन: ईश्वर का गुणगान करना। स्मरण: ईश्वर को हमेशा याद रखना। पादसेवन: चरणों की सेवा करना। अर्चन: विधिवत पूजा-अर्चना करना। वंदन: प्रार्थना और नमस्कार करना। दास्य: खुद को ईश्वर का सेवक मानना। सख्य: ईश्वर को अपना परम मित्र मानना। आत्मनिवेदन: सब कुछ ईश्वर को समर्पित कर देना।

0501

Join the conversation on Fifefy

Reply, react, or give this post one of your five daily Hi-Fives.